

कैदियों को मिल सकती है पत्नी से सेक्स की इजाजत....
जैसे ही ये खबर पढ़ी तो ख्याल आया कि सरकार क्या जेल को जेल नहीं बनाना चाहती। जेल जाने वाले खूंखार मुजरिमों को सज़ा फिर क्यों दी जाती है। और अगर सज़ा दी जाती है तो फिर उन्हे इतनी आज़ादी.. क्या उचित है? बहरहाल एचआईवी पॉजिटिव कैदियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर बंबई हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से इस बात की संभावना की पड़ताल करने को कहा है कि क्या कैदियों को जेल में एकांत में अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने की इजाजत दी जा सकती है। एचआईवी पॉजिटिव कैदियों को इलाज सुविधा मुहैया कराने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी. बी. मजूमदार और जस्टिस आर.जी. केतकर ने राज्य सरकार से 2 से 3 साल से जेल में बंद कैदियों को यह सुविधा मुहैया कराने की संभावना तलाशने को कहा जिसके तहत उन्हें हर महीने कुछ समय के लिए बिल्कुल एकांत में अपनी पत्नी से मिलने की इजाजत दी जाए। जजों ने सरकार से मुद्दे की पड़ताल करने को कहा क्योंकि उनका मानना है कि एचआईवी पॉजिटिव मामले असुरक्षित या अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की वजह से भी हो रहे हैं। जस्टिस मजूमदार ने कहा, 'कैदी की शारीरिक जरूरतें हो सकती हैं। इस बात को देखें कि क्या एक कैदी को अपनी पत्नी के साथ एक या दो दिन बिताने के लिए अलग स्थान दिया जा सकता है। यानि अपराधी को जेल और घर के बीच फर्क अब नज़र नहीं आएगा। समाज का कानून तोड़ने के बाद किसी को जेल भेजा जाता है। ताकि वो सज़ा पाकर सुधरने की कोशिश करे। ये बात और है कि भारतीयों जेलों में सुधरने वाले कैदियों की संख्या ना के बराबर है। अलबत्ता जेलों से अपराधी तराशकर बाहर की दुनिया में ज़रूर भेजे जाते हैं। अब सरकार के इस कदम के बाद उनकी सज़ा शायद सज़ा ना रह पाए। उनके मन से कानून का बचा-खुचा डर भी खत्म हो जाए। समाज की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ही संविधान में सज़ा का प्रावधान बनाया गया। अब अपराधियों के सरोकार ये दलील भी देंगे कि क्या अपराधी इंसान नहीं हैं ? बेशक वो इंसान हैं। लेकिन उन्होने ग़लती नहीं अपराध किया है। और इसीलिए उन्हे कानून से बतौर सजा के लिए जेल भेजा है। मैं उनकी बात नहीं कर रहा हूं जो मासूम हैं और बिना अपराध जेल भेज दिए जाते हैं। लेकिन उनके बारे में क्या..अपराध जिनकी फिदरत है। ऐसे इंसान सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ते हैं। अकारण ही दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं। तो क्या ऐसे लोगों से दरियादिली रखना उचित है ? जवाब सरकार भी खोज रही है और हम भी....
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